नम आंखों से दी गई माता रानी को विदाई, नत्थीखेड़ा रामघाट तालाब में हुआ मूर्ति विसर्जन.

ललितपुर जिले के थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम नत्थीखेड़ा में दुर्गा जागरण समिति द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर माता रानी को भावभीनी विदाई दी।

विसर्जन यात्रा श्री रामराजा मंदिर के समीप स्थित दुर्गा पंडाल से शुरू हुई, जिसमें आजादपुरा सहित अन्य मोहल्लों के पंडालों की प्रतिमाएं भी शामिल रहीं। बरिया चौराहे से होते हुए यह यात्रा पूरे गांव में भ्रमण करती रही। इस दौरान भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए और अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। यात्रा के दौरान जगह-जगह मां की आरती उतारी गई और प्रसाद का वितरण किया गया।

माता रानी की प्रतिमा ट्रैक्टर पर विराजमान थी। डीजे की धुन पर बज रहे भजनों के साथ महिलाएं, बच्चे और पुरुष नृत्य करते हुए चल रहे थे। अंत में, रामघाट तालाब पर विधि-विधान के साथ मां की आरती उतारकर प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने मां अंबे के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया।

आठ दिनों तक मां की पूजा-अर्चना के दौरान छोटे बच्चों द्वारा प्रतिदिन तरह-तरह की झांकियां प्रस्तुत की गईं। इसी क्रम में पूराकलां क्षेत्र के कस्बा पूराकलां, चौबारा, विजयपुरा, हसारकलां, उगरपुर, मातेरा, झावर, पुराखुर्द, कंधारीकला और कंधारी खुर्द सहित कई गांवों में नौ दिनों तक स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन नजदीकी नहरों और तालाबों में किया गया।

पूराकलां थाना प्रभारी अजमेर सिंह ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एमपी बॉर्डर पुलिस की सहायता के साथ-साथ थाने और नत्थीखेड़ा चौकी की फोर्स को विभिन्न विसर्जन स्थलों पर तैनात किया गया था। नत्थीखेड़ा चौकी प्रभारी राजेश नागर, उप निरीक्षक सत्य प्रकाश और कांस्टेबल नृपत सिंह राजपूत को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

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Deepu Gupta

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Reporter Talbehat

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