ललितपुर। शारदीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर ऐतिहासिक सुमेरा तालाब सहित जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में जवारों का विसर्जन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। नौ दिनों तक मां आदिशक्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।
विसर्जन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते हुए भव्य शोभायात्राएं निकालीं। इन शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पूरे मार्ग में मां के जयकारे गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
सुमेरा तालाब सहित जनपद के विभिन्न विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ जवारों का विसर्जन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां आदिशक्ति से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस धार्मिक परंपरा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।
ललितपुर। शारदीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर ऐतिहासिक सुमेरा तालाब सहित जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में जवारों का विसर्जन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। नौ दिनों तक मां आदिशक्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।
विसर्जन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते हुए भव्य शोभायात्राएं निकालीं। इन शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पूरे मार्ग में मां के जयकारे गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
सुमेरा तालाब सहित जनपद के विभिन्न विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ जवारों का विसर्जन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां आदिशक्ति से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस धार्मिक परंपरा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।