ललितपुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालक), दैलवारा के बच्चों के लिए एक विशेष शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों को नई जानकारी प्रदान करने के साथ ही उनके अनुभव को आनंददायक बनाना था।
यह भ्रमण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), ललितपुर के जिला प्रचारक श्री वीर सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान बच्चों को पुलिस की चाक-चौबंद अभिरक्षा में मध्य प्रदेश स्थित प्रसिद्ध मां जागेश्वरी देवी मंदिर ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दर्शन किए। मंदिर दर्शन के पश्चात बच्चों को ऐतिहासिक चंदेरी के किले का भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चों ने किले के समृद्ध इतिहास और उसकी वास्तुकला के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस पूरे भ्रमण के दौरान राजकीय बाल गृह के अधीक्षक श्री राम प्रताप राजपूत एवं संस्था का समस्त स्टाफ बच्चों के साथ मौजूद रहा। स्टाफ सदस्यों ने पूरी यात्रा के दौरान बच्चों की देखरेख और उनके मार्गदर्शन की व्यवस्था संभाली।
भ्रमण के दौरान बच्चों में काफी उत्साह और खुशी देखी गई। इस प्रकार के धार्मिक और ऐतिहासिक भ्रमण से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानने का अवसर मिला। साथ ही, इस तरह के आयोजन बच्चों के मानसिक एवं सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान करने में सहायक होते हैं।
ललितपुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालक), दैलवारा के बच्चों के लिए एक विशेष शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों को नई जानकारी प्रदान करने के साथ ही उनके अनुभव को आनंददायक बनाना था।
यह भ्रमण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), ललितपुर के जिला प्रचारक श्री वीर सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान बच्चों को पुलिस की चाक-चौबंद अभिरक्षा में मध्य प्रदेश स्थित प्रसिद्ध मां जागेश्वरी देवी मंदिर ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दर्शन किए। मंदिर दर्शन के पश्चात बच्चों को ऐतिहासिक चंदेरी के किले का भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चों ने किले के समृद्ध इतिहास और उसकी वास्तुकला के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस पूरे भ्रमण के दौरान राजकीय बाल गृह के अधीक्षक श्री राम प्रताप राजपूत एवं संस्था का समस्त स्टाफ बच्चों के साथ मौजूद रहा। स्टाफ सदस्यों ने पूरी यात्रा के दौरान बच्चों की देखरेख और उनके मार्गदर्शन की व्यवस्था संभाली।
भ्रमण के दौरान बच्चों में काफी उत्साह और खुशी देखी गई। इस प्रकार के धार्मिक और ऐतिहासिक भ्रमण से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानने का अवसर मिला। साथ ही, इस तरह के आयोजन बच्चों के मानसिक एवं सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान करने में सहायक होते हैं।