विदिशा के राधिका कुंज मंदिर में राधा अष्टमी महोत्सव संपन्न, वर्ष में एक बार हुए राधारानी के विशेष दर्शन
विदिशा। शहर के प्रसिद्ध एवं प्राचीन राधिका कुंज मंदिर में राधा अष्टमी का पावन महा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। वर्ष में केवल एक बार मिलने वाले राधारानी के विशेष दर्शनों के लिए सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने राधारानी के अलौकिक रूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं पुण्य लाभ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
राधा अष्टमी के अवसर पर राधिका कुंज में कई दिनों से भव्य तैयारियां की जा रही थीं। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया गया था। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नोटों की लड़ियों से की गई विशेष सजावट श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। वहीं, गर्भगृह में विराजमान राधारानी का सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषणों तथा दिव्य वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देख भक्त भावविभोर हो उठे।
इस पावन अवसर पर राधिका कुंज मंदिर के सेवाधारियों एवं भक्तिगणों द्वारा समाजसेवी एवं लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग का प्रादेशिक अध्यक्ष नियुक्त होने पर संजय गुप्ता एवं मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा द्वारा उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। श्री सोनी इस धार्मिक आयोजन में लंबे समय तक उपस्थित रहे और रात्रि में महाआरती के बाद पट बंद होने तक भक्तिभाव से लीन रहे।
मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राधिका कुंज में राधारानी के पावन पट श्रद्धालुओं के लिए वर्ष में केवल एक ही दिन यानी राधा अष्टमी के अवसर पर खोले जाते हैं। हालांकि, वर्षभर मंदिर के अंदर राधारानी की नियमित सेवा, पूजा-अर्चना, भोग और आरती की परंपरा पूरी निष्ठा के साथ निभाई जाती है, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन केवल इसी दिन सुलभ होते हैं।
दिनभर चले दर्शन-पूजन के क्रम के बाद रात्रि ठीक 11 बजे राधारानी की विशेष महाआरती की गई। महाआरती के उपरांत जैसे ही राधारानी के पावन पट बंद किए गए, वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। दर्शन समाप्त होने पर भक्तों के मन में एक ओर जहां दर्शन की अपार प्रसन्नता थी, वहीं दूसरी ओर राधारानी के अगले दर्शनों के लिए अब पूरे एक वर्ष का इंतजार करने का भावुक भाव भी साफ दिखाई दे रहा था। पट बंद होने के साथ ही इस वर्ष के राधा अष्टमी महोत्सव का समापन हो गया।
विदिशा के राधिका कुंज मंदिर में राधा अष्टमी महोत्सव संपन्न, वर्ष में एक बार हुए राधारानी के विशेष दर्शन
विदिशा। शहर के प्रसिद्ध एवं प्राचीन राधिका कुंज मंदिर में राधा अष्टमी का पावन महा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। वर्ष में केवल एक बार मिलने वाले राधारानी के विशेष दर्शनों के लिए सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने राधारानी के अलौकिक रूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं पुण्य लाभ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
राधा अष्टमी के अवसर पर राधिका कुंज में कई दिनों से भव्य तैयारियां की जा रही थीं। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया गया था। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नोटों की लड़ियों से की गई विशेष सजावट श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। वहीं, गर्भगृह में विराजमान राधारानी का सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषणों तथा दिव्य वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देख भक्त भावविभोर हो उठे।
इस पावन अवसर पर राधिका कुंज मंदिर के सेवाधारियों एवं भक्तिगणों द्वारा समाजसेवी एवं लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग का प्रादेशिक अध्यक्ष नियुक्त होने पर संजय गुप्ता एवं मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा द्वारा उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। श्री सोनी इस धार्मिक आयोजन में लंबे समय तक उपस्थित रहे और रात्रि में महाआरती के बाद पट बंद होने तक भक्तिभाव से लीन रहे।
मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राधिका कुंज में राधारानी के पावन पट श्रद्धालुओं के लिए वर्ष में केवल एक ही दिन यानी राधा अष्टमी के अवसर पर खोले जाते हैं। हालांकि, वर्षभर मंदिर के अंदर राधारानी की नियमित सेवा, पूजा-अर्चना, भोग और आरती की परंपरा पूरी निष्ठा के साथ निभाई जाती है, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन केवल इसी दिन सुलभ होते हैं।
दिनभर चले दर्शन-पूजन के क्रम के बाद रात्रि ठीक 11 बजे राधारानी की विशेष महाआरती की गई। महाआरती के उपरांत जैसे ही राधारानी के पावन पट बंद किए गए, वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। दर्शन समाप्त होने पर भक्तों के मन में एक ओर जहां दर्शन की अपार प्रसन्नता थी, वहीं दूसरी ओर राधारानी के अगले दर्शनों के लिए अब पूरे एक वर्ष का इंतजार करने का भावुक भाव भी साफ दिखाई दे रहा था। पट बंद होने के साथ ही इस वर्ष के राधा अष्टमी महोत्सव का समापन हो गया।