समाजसेवी चंदन सिंह अहिरवार ने किया जीवन का 30वां रक्तदान, कुछ ही देर बाद पत्नी पूजा ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म

ललितपुर। सेवा, समर्पण और मानवता की भावना को चरितार्थ करते हुए जन कल्याण समिति ललितपुर (रजि.) के अध्यक्ष एवं समाजसेवी/पत्रकार चन्दन सिंह अहिरवार ने दुर्गा विसर्जन एवं विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर अपने जीवन का 30वाँ रक्तदान किया उनका यह मानवीय कार्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जन कल्याण समिति ललितपुर (रजि.) के सक्रिय सदस्य एवं चन्दन सिंह अहिरवार के मित्र व छोटे भाई दीपक अहिरवार की धर्मपत्नी श्रीमती पूजा अहिरवार को बीती रात्रि लगभग 12 बजे अचानक प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय जांच के दौरान रक्त की कमी सामने आने पर डॉक्टरों ने तत्काल रक्त की व्यवस्था करने के लिए कहा।

परिवार की इस मुश्किल घड़ी में रक्त की आवश्यकता की सूचना मिलते ही रात में ही कई लोगों से संपर्क किया गया। सूचना मिलने पर रक्तदाता भाई ऋषि सरदार ने अपने मित्र के साथ रात लगभग 2 बजे ब्लड बैंक पहुंचकर श्रीमती पूजा अहिरवार के लिए बहुमूल्य रक्तदान किया। उनके इस सहयोग ने जरूरत के समय मानवता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।

इसके बाद आज सुबह चिकित्सकों ने पूजा अहिरवार के लिए एक यूनिट रक्त की और आवश्यकता बताई। जैसे ही इसकी जानकारी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष चन्दन सिंह अहिरवार को मिली, वे तत्काल ब्लड बैंक पहुंचे और बिना देर किए अपने जीवन का 30वाँ रक्तदान किया। उनका उद्देश्य केवल जरूरतमंद मरीज की सहायता करना और एक परिवार की खुशियों को सुरक्षित रखने में अपना योगदान देना था।

रक्तदान के कुछ ही क्षण बाद घर में गूंजीं खुशियों की किलकारियां

इस घटनाक्रम का सबसे भावुक और सुखद पहलू यह रहा कि चन्दन सिंह अहिरवार द्वारा रक्तदान करने के कुछ ही क्षण बाद श्रीमती पूजा अहिरवार ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया। परिवार में एक साथ दो नन्हे मेहमानों के आगमन से खुशियों का माहौल छा गया। दुर्गा विसर्जन एवं दशहरा जैसे पावन अवसर पर जुड़वां बच्चों का जन्म परिवार के लिए बेहद यादगार और खुशी का पल बन गया।

परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकीय देखरेख में मां और दोनों नवजात शिशु स्वस्थ हैं। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण है और इस कठिन समय में रक्तदाताओं द्वारा किए गए सहयोग के प्रति सभी ने आभार व्यक्त किया।

रक्तदान से बड़ा कोई उपहार नहीं, क्योंकि इससे बच सकती है किसी की जान

समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय चन्दन सिंह अहिरवार का यह 30वाँ रक्तदान इस बात का संदेश देता है कि सच्ची समाजसेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरत के समय आगे बढ़कर किसी की मदद करने में दिखाई देती है। वहीं, रात के समय रक्तदान के लिए आगे आए ऋषि सरदार और उनके मित्र का सहयोग भी सराहनीय है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि रक्तदान किसी जरूरतमंद परिवार के लिए आशा की किरण बन सकता है। रक्त की एक यूनिट किसी मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

मानवता की सेवा ही सच्ची समाजसेवा

दुर्गा विसर्जन एवं दशहरा के शुभ अवसर पर किया गया यह रक्तदान समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। जहां एक ओर मां दुर्गा की विदाई और विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर रक्तदान के माध्यम से मानवता की सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। पूजा अहिरवार के परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री के आगमन ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।

जन कल्याण समिति ललितपुर (रजि.) के अध्यक्ष चन्दन सिंह अहिरवार ने अपने कार्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान यही है कि हम किसी जरूरतमंद के कठिन समय में उसके काम आएं। रक्तदान महादान है और समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

विशेष संदेश:
दुर्गा विसर्जन और दशहरा के पावन पर्व पर रक्तदान के माध्यम से मानवता की सेवा का संकल्प। मां दुर्गा की कृपा से मां और दोनों नवजात शिशु सदैव स्वस्थ रहें, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियां बनी रहें।

चन्दन सिंह अहिरवार
ब्यूरो चीफ- ललितपुर

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Surendra Sapera

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